By Career Keeda | Oct 20, 2026
कई बार पैसा कमाने के चक्कर में हम सभी घूमने का प्लान शिफ्ट कर देते हैं या फिर कैंसिल कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी नौकरी है, जिसमें आपको घूमने का पैसा मिलता है। बदलते समय के साथ काम करने के तौर-तरीकों में भी बदलाव आ चुका है। लोग अब सिर्फ ऑफिस के अंदर और 9 से 5 वाली नौकरी सब नहीं रह गई है। इंटरनेट और मॉर्डन टेक्नोलॉजी की दुनिया में किसी भी कोने से काम करने की आजादी है। जिसका नतीजा यह है कि युवाओं के बीच घूम-घूमकर ऑनलाइन कमाई करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि डिजिटल नोमैड क्या है और इसके क्या फायदे और नुकसान हैं।
डिजिटल नोमैड वह इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल, रिमोट वर्कर या फ्रीलांसर होते हैं। यह लोग किसी एक परमानेंट या फिर फिक्स ऑफिस से बंधे नहीं होते है। इन लोगों के पास सिर्फ लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए। यह दुनिया के किसी भी शहर, पहाड़ों की वादियों या बीच में बैठकर अपनी कंपनी का काम कर सकते हैं। या फिर खुद का ऑनलाइन बिजनेस चला सकते हैं। इन लोगों की जिंदगी का मुख्य उद्देश्य घूमने के साथ-साथ काम करना है।
आज की युवा पीढ़ी रूटीन भरी जिंदगी से हटकर आजादी और वर्क लाइफ बैलेंक को प्राथमिकता दे रही है। वहीं यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
कोरोना महामारी के बाद अधिकतर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से या कहीं से भी काम करने की छूट दे रखी है।
आज के समय में देश के लगभग हर कोने में फास्ट स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई आसानी से मिल जाता है।
अब दुनियाभर के पर्यटन स्थलों और महानगरों में भी को-वर्किंग स्पेस खुल चुके हैं। इन जगहों पर बैठकर लोग सुकून से ऑफिस जैसा माहौल पा सकते हैं।
हालांकि इस लाइफस्टाइल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको छुट्टियां मनाने के लिए सालभर इंतजार नहीं करना होता है। आप समुद्र के किनारे या फिर पहाड़ों पर बैठकर ऑफिस का प्रोजेक्ट पूरा कर सकते हैं। वहीं शाम को काम खत्म करने के बाद आपको नए खानपान, नए लोकल कल्चर और नई जगहों को नजदीक से जानने का मौका मिलता है। भले ही यह जिंदगी बाहर से देखने में ग्लैमरस लगती है, लेकिन उतनी होती नहीं है। इसमें आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कई बार ऑफिस के समय या क्लाइंट्स के हिसाब से कई बार रात में भी काम करना पड़ सकता है।
घूमते हुए लगातार काम और पर्सनल लाइफ को मैनेज करना चुनौतीभरा हो सकता है।
वहीं अलग-अलग देशों में लंबे समय तक रहने के लिए टैक्स और वीजा के नियमों को समझना मुश्किल होता है।