कोरोना महामारी के हालात देखने के बाद अब ज्यादा से ज्यादा लोग इंश्योरेंस कराना चाहते हैं। सभी तरह के इंश्योरेंस में यह स्थिति देखी जा रही है। ऐसे में जैसे-जैसे इंश्योरेंस की मांग बढ़ रही है और इंडस्ट्री भी तेजी से आगे बढ़ रही है। ठीक उसी तरह इसमें इंट्रेस्ट रखने वाले युवाओं के लिए कॅरियर मौके पर भी बढ़ रहे हैं। इस फील्ड में रोजगार की संभावनाओं की बात करें, तो वर्तमान समय में इस सेक्टर में भी बैंकों की तरह बड़े लेवल पर कार्यबल की जरूरत पड़ रही है।
इस फील्ड में युवा अकाउंटिंग, एचआर, मार्केटिंग, ऑपरेशन्स, एक्चुरियल, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और रिसर्च जैसे विभागों में अपनी क्षमता और योग्यता के आधार पर नौकरी पा सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म्स और स्टार्टअप्स तौर पर भी इसमें काफी संभावनाएं बढ़ रही हैं। वहीं सबसे अच्छी बात यह है कि आने वाले 5 सालों में इस इंडस्ट्री में काफी संभावनाएं बनी रहेंगी।
जानिए जॉब के मौके
अगर आप सेल्स में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन से लेकर एमबीए तक युवाओं की भर्ती ली जाती है। यहां पर सुपरवाइजरी, मिडल मैनेजमेंट, फ्रंट लाइन सेल्स और लीडरशिप जैसे अलग-अलग लेवल पर योग्यता और एक्सपीरियंस के आधार पर कॅरियर बना सकते हैं।
अगर आप एक्चुरियल सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं, तो इस विभाग से जुड़ने के लिए संबंधित विशेष कोर्स करना जरूरी है।
फाइनेंस सेक्शन में अपना कॅरियर बनाने के लिए सीए, अकाउंटिंग या एमबीए फाइनेंस होना चाहिए।
इंश्योरेंस के रूप में जो पैसा आता है, उसको सही जगह निवेश करने का काम इन्वेस्टमेंट सेक्शन देखता है। यहां कॅरियर बनाने के लिए मार्केट का अच्छा एक्सपीरियंस होना जरूरी है।
ऑपरेशन सेक्शन इंश्योरेंस सेक्टर नियमन के तहत आता है। इसलिए ऑपरेशंस के तहत कंप्लायंस, इंटरनल ऑडिट, क्लेम, रिस्क और लीगल जैसे उप विभाग होते हैं। यहां पर भी योग्यता के हिसाब से कॅरियर बनाया जा सकता है।
इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए क्या जरूरी
इंश्योरेंस इंडस्ट्री में आगे की सोच पर काफी ज्यादा ध्यान दिया जाता है। यहां अगले 5 से 10 सालों में आने वाले बदलावों और मार्केट की जरूरतों को ध्यान में रखकर पॉलिसी और प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। इसलिए लिए रिसर्च के अलावा इनोवेशन पर भी इंश्योरेंस कंपनियों का खासा जोर रहता है।
ऐसे में जब यह कंपनियां प्रोफेशनल्स को हायर करती हैं, तो कंपनी यह भी देखती है कि कैंडिडेट्स के काम करने की क्षमता कितनी है। उम्मीदवार ने क्या-क्या सीखा है और कंपनी के लिए वह क्या नया कर सकते हैं। यही कारण है कि इस फील्ड में युवाओं को ग्रेजुएशन के अलावा संबंधित फील्ड में जरूरी कौशल प्राप्त करने पर ध्यान देना चाहिए।
सैलरी पैकेज
अगर कोई कैंडिडेट्स सिर्फ ग्रेजुएट है, तो शुरूआती सैलरी पैकेज 3 लाख रुपए सालाना से शुरू हो सकता है। वहीं 100% तक परफॉर्मेंस इंसेंटिव और बोनस भी मिलता है।
वहीं क्वालिफिकेशन के साथ-साथ काम का एक्सपीरियंस भी है, तो शुरूआती सैलरी 8 से 10 लाख रुपए तक सालाना हो सकती है।
इस फील्ड में काम करने वाले प्रोफेशनल्स का पैकेज 6 से 15 लाख रुपए तक सालाना हो सकता है।